फायर इंश्योरेंस क्या है?-What is Fire Insurance in Hindi?

 कई सारी ऐसी प्राकृतिक आपदाएं हैं, जो आपके बिजनेस, प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। इन प्राकृतिक आपदाओं में भूस्खलन, आंधी, आग, दंगा आदि मुख्य हैं।

कई ऐसी इंश्योरेंस कंपनियां है जो इन खतरों के खिलाफ आपकी प्रॉपर्टी के लिए कवर की पेशकश करती है, ताकि आपको अप्रत्याशित परिस्थितियों से होने वाले नुकसान के बारे में चिंता करने की जरूरत ना हो।

एक टिपिकल फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) यानी आग बीमा पॉलिसी आपके बिजनेस को प्रोटेक्ट करता है।

इस प्रकार से यह इंश्योरेंस आपको किसी भी प्रकार के नुकसान में फाइनेंसियल हेल्प करके बिजनेस को फिर शुरू करने में मदद करता है।

  आज इस आर्टिकल में हम फायर इंश्योरेंस(Fire Insurance) के बारे में जानेंगे को देखेंगे यह कैसे काम करता है।

फायर इंश्योरेंस क्या है? – What is Fire Insurance in Hindi

Fire-Insurance

यह इंश्योरेंस का एक महत्वपूर्ण रूप है जो आग लगने के कारण संपत्ति मे होने वाले नुकसान से लोगों को बचाता है। इस इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत आग के कारण होने वाले सभी प्रकार के नुकसान को पॉलिसी द्वारा वहन किया जाता है।

  मूल रूप से इंश्योरेंस पॉलिसी एक कॉन्ट्रैक्ट है जिसके तहत एक व्यक्ति समय-समय पर इंश्योरेंस कंपनी को एक निश्चित राशि यानी कि प्रीमियम का भुगतान करता है और इसके बदले में उस व्यक्ति की संपत्ति के नष्ट होने या आग के कारण नुकसान होने पर इंश्योरेंस कंपनी मुआवजे के रूप में पैसे का भुगतान करती है।

फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) पॉलिसीज केवल इंश्योर प्रॉपर्टीज के रिपेयर, रिप्लेसमेंट और रिकंस्ट्रक्शन के खर्च को ही कवरेज नहीं देती बल्कि इसके कारण उन लोगों को भी प्रोटेक्शन प्रदान करती है जिनका जीवन या आजीविका प्रॉपर्टी के नुकसान के कारण प्रभावित होती है।

भारत में फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) पॉलिसी “टेरिफ एडवाइजरी कमिटी” (Tariff Advisory committee) के द्वारा संचालित (Governed) होती है।

फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) के स्टैंडर्ड प्लान और स्पेशल perils प्लान के अनुसार सभी प्रकार के मूवेबल और परमानेंट प्रॉपर्टीज का इंश्योरेंस किया जा सकता है। भारत में फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की प्रॉपर्टीज का इंश्योरेंस किया जाता है जैसे इंडस्ट्रियल बिल्डिंग, ऑफिस, दुकानेपूजा स्थलशॉपिंग मॉल, हॉस्पिटल, क्लीनिक, अपार्टमेंट और मकान और कई और।

बेनिफिट ऑफ फायर इंश्योरेंस – Benefits of Fire Insurance in Hindi

फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) सदैव एक समझदारी पूर्ण लिया गया निर्णय है इसके निम्न प्रकार के लाभ है-

  • फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) पॉलिसी घर, शेयर, घर के फर्नीचर, इंडस्ट्रियल बिल्डिंग आदि की सुरक्षा प्रदान करता है।
  • यह पॉलिसी आग के कारण होने वाले नुकसान के लिए प्रॉपर्टीज या प्रॉपर्टीज अल्टरनेटिव का ऑप्शंस प्रदान करती है।
  • यह पॉलिसी घर के मालिक को आग के कारण घर में होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करती है।
  • इस पॉलिसी के अंतर्गत आग के कारण घर के सामान के खराब होने पर भी कवरेज मिलता है जैसे कि प्लाईवुड, होम फर्नीचर, कारपेट, कपड़े आदि।
  • यह पॉलिसी में टेलीविजन, कंप्यूटर, एयर कूलर जैसे इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के रिपेयरिंग या अल्टरनेटिव्स का भी कवरेज शामिल है।
  • फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) पॉलिसी इंडस्ट्रीज में आग के कारण मशीनों के टूटने या किसी प्रकार के नुकसान होने पर मेंटेनेंस या अल्टरनेटिव की सुविधा प्रदान करती है
  • इस पॉलिसी के अंतर्गत कंपनी के अंदर आग की घटना के कारण घायल होने पर कर्मचारियों के मेडिकल खर्च भी मिलता है।

उपरोक्त कारणों से फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) लेना सबसे बुद्धिमता-पूर्ण निर्णयों में से एक है। इसे आप ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं।

फायर इंश्योरेंस पॉलिसी के अंतर्गत मिलने वाले कवरेज – Which are Covered Under Fire Insurance Policies

यह इंश्योरेंस प्लान न केवल आग से होने वाले नुकसान को कवर करता है बल्कि अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान को भी कवर करता है। फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) पॉलिसी में निम्नलिखित सामान्य आपदाएं शामिल है :-

  • फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) पॉलिसी आग से होने वाले किसी भी प्रकार के नुकसान के लिए कवरेज प्रदान करती हैं।
  • विस्फोट के कारण होने वाले खर्च के लिए बीमित व्यक्ति को कवरेज मिलेगा।
  • बिजली के कारण होने वाले नुकसान को भी फायर इंश्योरेंस के अंतर्गत शामिल किया जाता है।
  • विस्फोट के कारण होने वाले नुकसान को भी फायर इंश्योरेंस के अंतर्गत कवर किया जाता है।
  • विमान या विमान के उपकरणों को आग या किसी अन्य प्रकार से होने वाले नुकसान को फायर इंश्योरेंस पॉलिसी के अंतर्गत कवर किया जाता है।
  • हड़ताल या दंगा या आतंकवादी गतिविधियां के द्वारा प्रॉपर्टीज को होने वाला नुकसान बिहार इंश्योरेंस के अंतर्गत कवर किया जाता है।
  • टॉरनेडो तूफान चक्रवात आंधी बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान को भी फायर इंश्योरेंस के अंतर्गत कवरेज प्रदान करता है।
  • भूस्खलन ( landslide ) या Rockslide के कारण होने वाले विनाश को भी फायर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर किया जाता है।
  • यदि प्रॉपर्टी के पानी की टंकी के ओवरफ्लो ( overflow) के कारण हुए नुकसान को भी फायर इंश्योरेंस कवरेज प्रदान करता है।

फायर इंश्योरेंस के अंदर क्या शामिल नहीं है? – What is Not Covered Under Fire Insurance Policies.

फायर या आग के अलावा कई ऐसी प्राकृतिक आपदाओं को कवर करने के बावजूद कुछ ऐसे आपदाएं या संकट हैं जिन्हें फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) में शामिल नहीं किया जाता है यह निम्न प्रकार है:-

  • हीटीग, फर्मेंटेशन या स्पॉन्टेनियस बर्निंग के कारण होने वाले नुकसान को फायर इंश्योरेंस के कवर से बाहर रखा गया है।
  • भूकंप के कारण आग से होने वाला नुकसान
  • युद्ध आक्रमण और विद्रोह के कारण होने वाला नुकसान
  • भूमिगत आग और उससे होने वाले नुकसान
  • पब्लिक अथॉरिटी के आदेश के द्वारा होने वाला प्रॉपर्टी को आग लगाने पर होने वाला नुकसान
  • आग के दौरान या उसके बाद चोरी के कारण होने वाला नुकसान
  • परमाणु खतरों के कारण होने वाले नुकसान
  • प्रदूषण के कारण होने वाला नुकसान
  • जानबूझकर किया गया नुकसान

फायर इंश्योरेंस पॉलिसीज के प्रकार – Types of Fire Insurance Policies in Hindi

  अलग-अलग व्यक्तियों के कवरेज की आवश्यकता के आधार पर भारत में विभिन्न प्रकार की Fire Insurance प्लान उपलब्ध है। आवश्यकता के आधार इंश्योरेंस पॉलिसी निम्न प्रकार की है :-

फिक्स्ड असेट्स ( Fixed Assets ) के लिए :-

  • रिप्लेसमेंट वैल्यू पॉलिसी( Replacement value policy) :- जैसा कि नाम से ही पता चलता है इस पॉलिसी के अंतर्गत किसी भी प्रकार के जोखिम से होने वाले नुकसान के कारण रिप्लेसमेंट का कंसेप्ट काम करता है। इस पॉलिसी के तहत इंश्योरेंस कंपनी नुकसान हुई प्रॉपर्टी की रिप्लेसमेंट वैल्यू का भुगतान करती है। प्रॉपर्टी के नुकसान के कैलकुलेशंस प्रॉपर्टी की आयु के आधार पर उस की मार्केट वैल्यू में से Depreciation वैल्यू को निकाल कर की जाती है।
  • रीइंस्टेटमेंट वैल्यू पॉलिसी ( Reinstatement value policy) :- इस पॉलिसी के अंतर्गत कुछ नया नहीं है यह सिर्फ रिप्लेसमेंट वैल्यू पॉलिसी का एक अतिरिक्त क्लोज हैं। इस क्लोज के अनुसार इंश्योरेंस कंपनी नुकसान हुई प्रॉपर्टी को नुकसान से पहले वाली स्थिति में लाने का उपक्रम करती है। बिल्डिंग जैसे फिक्स्ड ऐसेट पर यह क्लोज लागू होता है। इस क्लास के अंतर्गत अन्य प्रॉपर्टीज को कवर नहीं किया जा सकता है।

नॉन फिक्स्ड असेट्स, सामान और स्टॉक्स के लिए:-

  • फ्लोटर पॉलिसी (Floater policy):-  विभिन्न स्थानों पर स्थित प्रॉपर्टीज के लिए यह पॉलिसी उपयुक्त है। सभी प्रॉपर्टीज के लिए एक ही पॉलिसी ली जा सकती है जो सारी प्रॉपर्टीज को एक फ्लोटर के आधार पर कवर करती है।
  • डिक्लेरेशन पॉलिसी (Declaration policy):-  ऐसी प्रॉपर्टीज जिनकी वैल्यू साल के दौरान बदलते रहते हैं जैसे कि बिजनेस में स्टॉक्स, के लिए डिक्लेरेशन पॉलिसी उपयुक्त रहती है।
  • फ्लोटर डिक्लेरेशन पॉलिसी (Floater declaration policy):-  भिन्न-भिन्न स्थानों पर संग्रहित की गई असेट्स जिनकी मूल्य में  साल भर उतार चढ़ाव होता है, उन्हें एक ही इस पॉलिसी के अंतर्गत कवर किया जा सकता है
  • स्पेसिफिक पॉलिसी ( Specific policy ):- यह पॉलिसी प्रॉपर्टी के नुकसान के एक स्पेसिफिक अमाउंट तक ही कवर करती है जिसे sum insured  कहते हैं जोकि प्रॉपर्टी के वास्तविक मूल्य से कम होता है
  • कंप्रिहेंसिव पॉलिसी (Comprehensive policy):- जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह पॉलिसी अधिकतम प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान के खिलाफ कवर करती है।
  • वैल्यूड पॉलिसी ( Valued policy ) :- इस प्लान के तहत इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय sum insured ( बीमा धन) तय नहीं की जाती है। नुकसान होने की स्थिति में क्लेम अमाउंट की कैलकुलेशंस प्रॉपर्टी के मार्केट वैल्यू को ध्यान में रखकर किया जाता है।
  • एवरेज पॉलिसी ( Average policy ):-  एवरेज पॉलिसी फायर इंश्योरेंस पॉलिसी के एवरेज क्लोज के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें नुकसान की स्थिति में जब प्रेम किया जाता है तो क्लेम की पूरी अमाउंट नहीं मिलती है, एक एवरेज क्लेम अमाउंट मिलता है। जिसका कैलकुलेशंस निम्न फार्मूले से किया जाता है:-

  Claim = (insured amount / value of property) x loss

Example :-

        Value of property : ₹20,000

         Insured amount. : ₹10,000

         Actul loss.           : ₹15,000

Claim amount is :-

               (10,000 / 20,000)x15,000

                      = ₹7500

  • कौनसीक्वेंसनल लॉस पॉलिसी (Consequential loss policy) :- फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) की यह पॉलिसी किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले बिजनेस प्रॉफिट के नुकसान को कवर करती है। प्रॉफिट के नुकसान का कैलकुलेशन सेल्स के नुकसान के आधार पर किया जाता है।

बेस्ट फायर इंश्योरेंस कंपनीज इन इंडिया – Best Fire Insurance Companies in India

  1. Apollo Munich health insurance
  2. Bajaj Allianz General Insurance
  3. Cigna TTK
  4. ICICI Lombard
  5. L & T General Insurance
  6. Cholamandalam MS General Insurance
  7. Bharti AXA General Insurance
  8. HDFC ERGO General Insurance
  9. IFFCO Tokio
  10. Reliance General Insurance

किस प्रकार से बेस्ट फायर इंश्योरेंस पॉलिसी चुनकर ऑनलाइन या ब्रांच ऑफिस से खरीदनी चाहिए? – How to Choose the Best Fire Insurance Policy Buy from Online or Branch Office

भिन्न भिन्न प्रकार की fire Insurance प्लान होने के कारण यह कन्फ्यूजन होता है कि  खरीदने के लिए कौन सी पॉलिसी सही हैं। इस कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए  पॉलिसी चुनते समय आपको निम्न फैक्टर्स पर विचार करना चाहिए :-

  • किस प्रकार का रिस्क कवर किया जा रहा है :- यह सबसे महत्वपूर्ण कारक है कि आप किस प्रकार की रिस्क का सामना कर रहे हैं। यदि आपको कई स्थानों पर उपस्थित संपत्ति या असेट्स का इंश्योरेंस करना है तो फ्लोटर पॉलिसी को चुने, यदि प्रॉपर्टी का सही वैल्यू पता नहीं किया जा सकता तो आपको वैल्यूड पॉलिसी चुनना चाहिए । इस तरीके से जैसी रिस्क वैसी पॉलिसी चुने।
  • असेट्स की प्रकृति :- विभिन्न प्रकार के असेट्स का इंश्योरेंस उनकी प्रकृति के हिसाब से अलग-अलग तरह की प्लान से किया जाता है। जैसे कि प्रॉपर्टी और फिक्स्ड असेट्स के लिए रिप्लेसमेंट वैल्यू या रीइंस्टेटमेंट वैल्यू पॉलिसीज को चुन सकते हैं । इसके अतिरिक्त अन्य असेट्स की प्रकृति के अनुसार उनको सूट करने वाली इंश्योरेंस पॉलिसी चुन सकते हैं।
  • कवरेज ड्यूरेशन : – उस समय अवधि को जानना महत्वपूर्ण है जिसके कवरेज के लिए फायर इंश्योरेंस लेना है।

फायर इंश्योरेंस क्लेम के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की जरूरत होती है? – What Types of Documents Required for Claim Registration in Fire Insurance?

फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) क्लेम के समय निम्न डॉक्यूमेंट सबमिट करने होते हैं: –

  • पॉलिसी बॉन्ड
  • पूरा भरा हुआ क्लेम फॉर्म और साइन
  • उस घटना से संबंधित न्यूज़ पेपर की कटिंग यदि हो तो
  • पिछले क्लेम की रिपोर्ट्स यदि कोई हो तो
  • नुकसान हुई प्रॉपर्टीज की फोटो
  • पुलिस FIR
  • फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट
  • फॉरेंसिक रिपोर्ट यदि है तो
  • फाइनल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट

एक बार क्लेम रजिस्टर्ड होने के बाद इंश्योरेंस कंपनी क्लेम का सर्वे कराती है और फिर क्लेम का सेटलमेंट कर देती है।

सारांश

आग की घटनाएं निश्चित रूप से अप्रत्याशित है और जब ऐसी घटनाएं होती है तो काफी विनाश पैदा करती है, इससे काफी जानमाल का नुकसान होता है। ऐसी स्थिति में नुकसान से बचा तो नही जा सकता है लेकिन इससे होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए फायर इंश्योरेंस (Fire Insurance) पॉलिसी खरीद सकते हैं।

Frequently Asked Questions

क्या फायर इंश्योरेंस प्रॉपर्टी इंश्योरेंस का हिस्सा है? – Is Fire Insurance Property Part Of Insurance?

हां, प्रॉपर्टी इंश्योरेंस पॉलिसी के एक हिस्से के रूप में आग के कारण होने वाले नुकसान और नुकसान के खिलाफ प्रोटेक्शन प्रदान करते हैं।

फायर इंश्योरेंस के लिए क्या पात्रता होनी चाहिए ?- What should be the eligibility for Fire Insurance?

कोई भी व्यक्ति जो प्रॉपर्टी का मालिक है या उसने कोई प्रॉपर्टी किराए पर ली है वह फायर इंश्योरेंस खरीद  सकता है

क्या फायर इंश्योरेंस क्लेम के लिए FIR कराना अनिवार्य है? – Is FIR to Fire Insurance Claim Essential?

नहीं, केबल चोरी के मामले में FIR आवश्यक है

1 thought on “फायर इंश्योरेंस क्या है?-What is Fire Insurance in Hindi?”

Leave a Comment